Buy Now, Pay Later: आज के डिजिटल युग में जब हर चीज़ सिर्फ एक क्लिक की दूरी पर है, तब “Buy Now, Pay Later” यानी BNPL जैसी स्कीम्स तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। Amazon, Flipkart, ZestMoney, LazyPay, Simpl, KreditBee जैसे प्लेटफार्म्स पर ये सुविधा बेहद आसानी से उपलब्ध है। लेकिन क्या वाकई यह सुविधा हमारे लिए लाभकारी है? खासकर भारत के युवाओं के लिए, जो पहली बार financial independence की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, BNPL का चलन कर्ज़ के जाल की शुरुआत बनता जा रहा है।
Buy Now, Pay Later होता क्या है?
BNPL एक प्रकार की short-term क्रेडिट सुविधा है, जिसमें आप कोई सामान अभी खरीद सकते हैं लेकिन उसका भुगतान कुछ समय बाद करना होता है। यह भुगतान interest-free भी हो सकता है या फिर कुछ किश्तों में बाँटा जा सकता है। स्टूडेंट्स और पहली नौकरी करने वाले युवा जब पहली बार इस सुविधा का उपयोग करते हैं, तो उन्हें लगता है कि यह एक आसान और समझदारी भरा तरीका है। लेकिन बहुत से लोगों को इसकी असली कीमत तब समझ में आती है जब उन्हें हर महीने अलग-अलग जगहों पर भुगतान करना होता है।
युवाओं में BNPL का बढ़ता क्रेज़
भारत में 18 से 35 वर्ष की उम्र के लोग सबसे ज्यादा BNPL स्कीम्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। 2022 की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 25 मिलियन से ज्यादा लोग किसी न किसी BNPL प्लेटफार्म से जुड़े हुए हैं और इनमें से लगभग 70% लोग 18-30 आयु वर्ग के हैं। इनमें कॉलेज स्टूडेंट्स, फ्रेशर्स और gig workers की संख्या सबसे ज़्यादा है।
BNPL का आकर्षण कुछ कारणों से है:
- कोई credit card की ज़रूरत नहीं
- Instant approval
- Zero interest का लालच
- EMI जैसी सुविधा बिना भारी ब्याज के
- कम सैलरी वालों के लिए उपलब्धता
छिपे हुए खतरे और मानसिक दबाव
शुरुआत में यह सुविधा सुविधाजनक लगती है लेकिन धीरे-धीरे यह एक बुरी आदत का रूप ले लेती है। जब एक ही समय में 3-4 BNPL प्लेटफार्म से किश्तें चुकानी होती हैं, तो व्यक्ति की आमदनी का बड़ा हिस्सा EMI में चला जाता है। इसके कारण वह आगे की ज़रूरतों के लिए फिर किसी नए BNPL स्कीम में फंस जाता है और यह चक्र चलता रहता है।
- किश्तें चुकाने में देरी पर भारी जुर्माना
- Credit score खराब होना
- मानसिक तनाव, financial anxiety
- Impulsive खर्चों में बढ़ोतरी
- Savings की आदत खत्म हो जाना
- असली ज़रूरत और लालच के बीच का फर्क खत्म हो जाना
BNPL का असर सिर्फ आर्थिक नहीं, मानसिक भी है
आर्थिक दबाव के साथ मानसिक समस्याएं भी जुड़ने लगती हैं। लगातार किश्तें चुकाने का तनाव, समय पर भुगतान न कर पाने की चिंता, mobile पर reminder और collection call जैसे अनुभव युवा दिमाग को काफी प्रभावित करते हैं। कई लोग तनाव में आकर या तो परिवार से छुपाकर और पैसा उधार लेने लगते हैं या फिर digital lending apps की ओर भागते हैं, जो और ज्यादा खतरनाक हैं।
फाइनेंशियल एजुकेशन की कमी
भारत के स्कूल-कॉलेज में आज भी financial literacy यानी पैसों को सही तरीके से समझने और प्रबंधित करने की शिक्षा नहीं दी जाती। यही वजह है कि युवा बिना सोचे समझे EMI, BNPL और डिजिटल कर्ज़ की दुनिया में कदम रख देते हैं। बिना यह जाने कि इससे भविष्य की savings, credit score और मानसिक शांति कैसे प्रभावित हो सकती है।
कानूनी निगरानी की ज़रूरत
Reserve Bank of India ने हाल के वर्षों में digital lending पर कुछ guidelines जारी की हैं, लेकिन BNPL services अब भी पूरी तरह से regulate नहीं हैं। कई बार बिना KYC पूरी किए ही approval दे दिया जाता है। कुछ apps तो EMI default होने पर social shaming और pressure techniques तक का उपयोग करते हैं।
समाधान क्या है?
- BNPL का इस्तेमाल तभी करें जब repayment की clear योजना हो
- एक से अधिक प्लेटफॉर्म पर उधार लेने से बचें
- EMI की बजाय पैसे जोड़कर cash में खरीदारी की आदत डालें
- अपनी monthly income का 20-30% से अधिक उधारी में ना डालें
- किश्तों के ट्रैक के लिए एक notebook या app का उपयोग करें
- कॉलेज स्तर पर financial literacy का पाठ्यक्रम शुरू होना चाहिए
- सरकार को BNPL और डिजिटल कर्ज़ देने वाले प्लेटफार्म्स की सख्त निगरानी करनी चाहिए
सार में
“Buy Now, Pay Later” सुनने में जितना आसान और मददगार लगता है, असल में उतना ही जटिल और जोखिम भरा हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो financial discipline से अनजान हैं। युवाओं को चाहिए कि वे हर सुविधा के पीछे छिपे खतरे को पहचानें। कर्ज़ की आदत अगर शुरू में ही न रोकी जाए तो यह भविष्य को गहरे संकट में डाल सकती है। समझदारी इसी में है कि जितनी क्षमता हो, उतना ही खर्च कीजिए।
अधिक पढ़ने के लिए – नीचे इक्स्टर्नल लिंक्स दे रहा हूँ।
External References for “Buy Now, Pay Later” Blog Post
- Reserve Bank of India – Digital Lending Guidelines
https://www.rbi.org.in/Scripts/NotificationUser.aspx?Id=12378
(RBI द्वारा जारी दिशा-निर्देश डिजिटल लेंडिंग और BNPL सेवाओं के लिए) - Business Standard – BNPL risks to youth and economy
https://www.business-standard.com/article/finance/how-bnpl-can-lead-to-a-debt-trap-for-indian-consumers-122072801191_1.html - The Hindu BusinessLine – BNPL का असली असर
https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/buy-now-pay-later-a-slippery-slope/article65518332.ece - India Today – युवाओं पर BNPL का प्रभाव
https://www.indiatoday.in/business/story/buy-now-pay-later-trap-debt-young-consumers-fintech-2309784-2022-12-16



Overall a good article